April 12, 2006

पहली हिन्‍दी पोस्‍ट

हिन्‍दी मे लिखा तो दिल प्रसन्‍न हो गया॥

2 comments:

RC Mishra said...

प्रसन्न दिल को प्रसन्न रखिये और हिन्दी मे लिखते जाइये|

Pratik said...

पुनीत जी, हिन्दी ब्लॉग जगत् में आपका हार्दिक स्वागत् है। लेकिन आपसे अनुरोध है कि ख़ुद के साथ सभी हिन्दी भाषियों को भी पूरी तरह हिन्दी में एक अलग ब्लॉग बना कर प्रसन्न करें।